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Chamoli Census Duty 2026: 33 फील्ड ट्रेनर्स की ट्रेनिंग पूरी, 1 दिसंबर से शुरू होगा महा-अभियान

Chamoli Census Duty 2026 के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन ने क्या बड़ी तैयारी की है?

सपाल सिंह नेगी, चमोली, 18 अक्टूबर 2026 : Chamoli Census Duty 2026 के दूसरे चरण को चमोली जिले में पूरी तरह सफल, पारदर्शी और त्रुटि रहित बनाने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित जिला सभागार में कुल 33 फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय विशेष मास्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी के सख्त दिशा-निर्देशों के क्रम में जिला जनगणना मास्टर ट्रेनर एवं मुख्य कृषि अधिकारी जयप्रकाश तिवारी द्वारा यह ट्रेनिंग दी गई। इस महा-अभियान का मुख्य मकसद चमोली के हर परिवार और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर वास्तविक आंकड़े जुटाना है।

SIR अभियान को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, डीएम ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

प्रशासन द्वारा इस तीन दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अब ये सभी 33 फील्ड ट्रेनर चमोली जनपद के अलग-अलग चार्ज स्तरों पर तैनात किए जाएंगे। वहां जाकर ये फील्ड ट्रेनर सभी प्रगणकों (Enumerators) और सुपरवाइजरों को जनगणना संबंधी बारीकियों, नई डिजिटल कार्यप्रणाली और सरकारी नियमों के अनुरूप काम करने की ट्रेनिंग देंगे। इस पूरी कवायद का सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि सीमांत जिले चमोली में देश की इस सबसे महत्वपूर्ण जनगणना के काम को बिना किसी मानवीय गलती के और बिल्कुल तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए।

चमोली में जनगणना का काम कब से शुरू होगा और क्या है पूरा शेड्यूल?

जनपद चमोली के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों और गांवों में रहने वाले आम नागरिकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि Chamoli Census Duty 2026 की जमीनी शुरुआत कब से होने जा रही है। जिला स्तरीय समिति द्वारा जारी किए गए निर्धारित और आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, पूरे चमोली जिले में आगामी 1 दिसंबर से लेकर 4 जनवरी तक जनगणना का वास्तविक फील्ड वर्क यानी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने का मुख्य कार्य किया जाएगा। कड़ाके की ठंड और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच चलने वाले इस पूरे अभियान में प्रशासन की टीमें हर घर की दहलीज तक पहुंचेंगी।

मुख्य जनगणना का काम पूरा हो जाने के तुरंत बाद, आगामी 5 जनवरी से 9 जनवरी तक पूरे चमोली जनपद में पुनरीक्षण (Revision Round) का काम किया जाएगा, ताकि छूटे हुए लोगों को जोड़ा जा सके। इस पूरे शेड्यूल में सबसे भावुक और संवेदनशील पहलू बेघर व घुमंतू व्यक्तियों की गणना से जुड़ा है। प्रशासन द्वारा तय किया गया है कि आगामी 4 जनवरी को शाम 4 बजे से लेकर रात के ठीक 12 बजे तक जिले के सभी सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और रैनबसेरों की खाक छानी जाएगी, ताकि कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रात बिताने वाले एक-एक बेघर व्यक्ति की गणना पूरी संवेदनशीलता के साथ की जा सके।

गोपेश्वर की इस बैठक में अधिकारियों ने फील्ड ट्रेनर्स को विशेष निर्देश दिए

गोपेश्वर जिला सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर के आखिरी दिन फील्ड ट्रेनरों का हौसला बढ़ाने और उन्हें तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान सहायक भूलेख अधिकारी श्री राकेश पल्लव, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर श्री अमन कुमार एवं श्री गौरव पुरोहित ने संयुक्त रूप से सभी 33 फील्ड ट्रेनरों को जनगणना निदेशालय, उत्तराखंड द्वारा जारी किए गए नए और कड़े दिशा-निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने समझाया कि इस बार Chamoli Census Duty 2026 में डेटा की शुद्धता पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाना है।

अधिकारियों ने प्रशिक्षण सत्र में साफ तौर पर कहा कि फील्ड में काम करते समय प्रगणकों और सुपरवाइजरों को किस प्रकार की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और उनका त्वरित समाधान कैसे करना है। जनगणना कार्य के प्रभावी संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर भी ट्रेनर्स को आवश्यक टूल्स और मार्गदर्शिका प्रदान की गई, ताकि जब वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाएं तो पूरी स्पष्टता के साथ अन्य कार्मिकों को भी प्रशिक्षित कर सकें।

चमोली प्रशासन समय सीमा के भीतर इस राष्ट्रीय कर्तव्य को पूरा कर पाएगा ?

इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा के बाद जिला प्रशासन ने जनगणना के इस महान राष्ट्रीय कार्य से जुड़े सभी छोटे-बड़े अधिकारियों, प्रगणकों, सुपरवाइजरों और कार्मिकों को बेहद जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने के सख्त आदेश दिए हैं। चमोली जैसे सीमांत जिले में बर्फबारी और ठंड के मौसम को देखते हुए Chamoli Census Duty 2026 को बिना किसी बाधा के पूरा करना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन प्रशासन ने इसके लिए पहले ही बैकअप प्लान तैयार कर लिया है।

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत ही सभी को अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी, ताकि आंकड़ों को समय पर कंपाइल करके निदेशालय को भेजा जा सके। इस महा-अभियान की सफलता सीधे तौर पर चमोली जिले के भविष्य के विकास, सरकारी योजनाओं और बजट के आवंटन को प्रभावित करेगी, इसलिए इसमें जनता का सहयोग भी उतना ही जरूरी है। उत्तराखंड में चल रहे इस राष्ट्रीय जनगणना अभियान की अधिक आधिकारिक जानकारियों और नियमों को जानने के लिए पाठक भारत सरकार के जनगणना विभाग की आधिकारिक वेबसाइट censusindia.gov.in पर जा सकते हैं, और उत्तराखंड की तमाम संवेदनशील व सटीक खबरों को लगातार पढ़ने के लिए हमारे मुख्य पोर्टल MediaLive को नियमित रूप से विजिट कर सकते हैं।

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