अमित सिंह , पौड़ी, 17 अक्टूबर, 2026: दीपावली पर पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। देहरादून क्षेत्र में त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कड़े तेवर दिखाए हैं। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और विभिन्न सरकारी विभागों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में डीएम ने साफ कर दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधे कानूनी कार्रवाई होगी। इस बार पटाखों के लिए अस्थायी लाइसेंस लेना जरूरी होगा और तय किए गए मैदानों के अलावा कहीं भी अवैध रूप से दुकानें लगाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
ये भी पढ़ें : धराली में नहीं जले दीये: दीपावली के सन्नाटे में गुम आठ घरों की रौशनी
देहरादून में कहाँ और कैसे बिकेंगे पटाखे
उत्तराखंड की राजधानी में त्योहारों के सीजन में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह बड़ी बैठक शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को देहरादून में आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनता की सुरक्षा और आगजनी की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से यह सख्त कदम उठाया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र के भीतर हर जगह पटाखों की दुकानें नहीं खोली जा सकेंगी। इसके लिए तीन प्रमुख मैदानों को चिह्नित किया गया है, जिनमें रेजर ग्राउंड, हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज के पास स्थित 26 पार्क रोड का क्षेत्र और पुराना बस अड्डा देहरादून शामिल हैं। इसके अलावा ग्रामीण और बाहरी कस्बों में संबंधित नगर मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी (SDM) और पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) खुद सुरक्षित जगहों का चयन करेंगे।
अस्थायी लाइसेंस के बिना दुकान लगाई तो खैर नहीं
इस बार दीपावली पर पटाखों की बिक्री करने वाले हर छोटे-बड़े व्यापारी के लिए अस्थायी लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने इसके लिए स्पष्ट नियम बनाए हैं:
• अधिकृत अधिकारी: संबंधित क्षेत्र के नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर मजिस्ट्रेट और उप जिलाधिकारियों (SDM) को ही लाइसेंस जारी करने का अधिकार दिया गया है।
• जरूरी अनापत्ति: आवेदकों को पुलिस विभाग और अग्निशमन (Fire) अधिकारी की रिपोर्ट के साथ तय शुल्क जमा करना होगा।
• कड़ी चेतावनी: बिना अनुमति या रिहायशी इलाकों में छिपकर पटाखा बेचने वालों की सामग्री जब्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अग्नि सुरक्षा और बिजली कनेक्शन को लेकर कड़े निर्देश
भीड़भाड़ वाले बाजारों में किसी भी अप्रत्याशित दुर्घटना से बचने के लिए विद्युत और फायर ब्रिगेड को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे पटाखा बाजारों में केवल सुरक्षित और लोड के अनुसार ही बिजली कनेक्शन दें। खुले और ढीले तारों से बिजली सप्लाई करने पर पूरी तरह रोक रहेगी ताकि शॉर्ट सर्किट का खतरा न हो।
इसके साथ ही, अग्निशमन विभाग हर चिह्नित मैदान का बारीकी से निरीक्षण करेगा। नियमों के अनुसार, हर पटाखा व्यवसायी को अपनी दुकान के भीतर अनिवार्य रूप से अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher), पानी की बाल्टी और सूखी रेत रखनी होगी। दुकानों के ठीक पास किसी भी तरह की ज्वलनशील सामग्री रखने पर कानूनी पाबंदी रहेगी।
सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों पर पुलिस करेगी एक्शन
त्योहार के दिनों में अक्सर देखा जाता है कि लोग मुख्य सड़कों पर टेबल या ठेली लगाकर रास्ता जाम कर देते हैं। इसे रोकने के लिए डीएम ने पुलिस को खुले निर्देश दिए हैं। आतिशबाजी वाले बाजारों के मुख्य रास्तों या सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस विभाग को विशेष रूप से मलीन बस्तियों (Slum Areas) और संवेदनशील इलाकों को चिह्नित करने के लिए कहा गया है। इन जगहों पर त्योहार के दौरान पुलिस की पीसीआर वैन और जवान लगातार गश्त करेंगे ताकि हुड़दंगियों पर लगाम कसी जा सके। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी खुद जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी करेंगे।
इस महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक में सरकारी महकमे के कई वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत और वर्चुअल रूप से मौजूद रहे। बैठक में मुख्य रूप से अपर जिलाधिकारी (वि0रा) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार और उप जिलाधिकारी रविन्द्र ज्वांठा शामिल हुए।
इनके साथ ही देहरादून महानगर अध्यक्ष सिद्वार्थ अग्रवाल और स्थानीय व्यापार मंडल के कई प्रमुख पदाधिकारियों ने भी अपने सुझाव रखे। जिले के सभी उप जिलाधिकारियों (SDM) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों का फीडबैक डीएम के सामने प्रस्तुत किया।
ये भी पढ़ें : uk.gov.in/