
देहरादून शैडो एरिया नेटवर्क: 19 इलाकों में खत्म होगा डेड जोन, जल्द चलेगा मोबाइल नेटवर्क
धीरेन्द्र भट्ट, देहरादून, 17 अक्टूबर 2026 : देहरादून शैडो एरिया नेटवर्क को लेकर बड़ी खबर है। देहरादून के दूर-दराज के पहाड़ी गांव जहां अब तक फोन में सिग्नल नहीं आता था, वहां जल्द ही नेटवर्क पहुंचने वाला है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को साफ कह दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जिले के सभी 19 शैडो एरिया में हर हाल में मोबाइल नेटवर्क चालू करना है। इसमें मसूरी के 7 और चकराता के 12 इलाके शामिल हैं। अगर जमीन या जंगल की वजह से काम अटका है तो तुरंत प्रशासन को बताया जाए।
प्रशासन ने जिले भर में 19 ऐसी जगहों को चिन्हित किया है जहां या तो नेटवर्क बिल्कुल नहीं है या बहुत कमजोर है।मसूरी विधानसभा के 7 इलाके – यहां के ऊंचाई वाले गांवों में आज भी लोगों को फोन करने के लिए घर से बाहर निकलकर ऊंची जगह पर जाना पड़ता है।
चकराता विधानसभा के 12 इलाके – सबसे ज्यादा दिक्कत चकराता क्षेत्र में है। घने जंगल और कठिन रास्तों की वजह से यहां टावर लगाना मुश्किल रहा है। डीएम ने इसी Dehradun Shadow Area Network पर सबसे ज्यादा फोकस करने को कहा है।
निष्क्रिय टावर होंगे चालू, Dehradun Shadow Area Network में बीएसएनएल की बड़ी भूमिका
जिलाधिकारी ने सभी मोबाइल कंपनियों को अपने टावरों का जमीनी निरीक्षण करने को कहा है। जो टावर लगे हैं लेकिन बंद पड़े हैं, उन्हें तुरंत ठीक कर नेटवर्क बहाल किया जाए। जहां किसी भी कंपनी का टावर नहीं है, वहां बीएसएनएल को प्राथमिकता पर टावर लगाना होगा।बैठक में बीएसएनएल ने बताया कि देहरादून के कुल 767 गांवों में से 597 गांवों में कनेक्टिविटी दे दी गई है, लेकिन 170 गांव अभी भी नेटवर्क से वंचित हैं। कुआंवाला से लच्छीवाला, दांडी से ऋषिकेश, रायवाला से हरिपुरकलां और दौड़वाला से दूधली तक के वन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में दिक्कत आ रही है। अधिकारियों ने बताया कि फुलसानी, दिरनाद और सिल्ला में नए 4जी टावर के प्रस्ताव भेजे गए हैं। 24 ग्राम पंचायतों की सैचुरेशन परियोजना में से 22 में नेटवर्क पहुंच गया है, सिर्फ रायपुर और सहसपुर की एक-एक पंचायत में वन भूमि की वजह से काम रुका है।
भारतनेट परियोजना का हाल
भारतनेट परियोजना की समीक्षा में सामने आया कि पहले चरण में जोड़ी गई 209 ग्राम पंचायतों में से 69 में फाइबर केबल कटने से इंटरनेट बंद है। दूसरे चरण में 228 में से 189 पंचायतें जुड़ चुकी हैं, जबकि 39 में काम चल रहा है। डीएम ने निर्देश दिए कि कटी हुई फाइबर को तुरंत जोड़ा जाए और सभी ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों तक फाइबर नेटवर्क जल्द पूरा किया जाए।
Dehradun Shadow Area Network के तहत 19 डेड जोन में मोबाइल नेटवर्क और फाइबर कनेक्टिविटी पहुंचाने का फैसला लिया गया है। आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान कर्मियों और आम लोगों को संचार में दिक्कत न हो और आपात स्थिति में नेटवर्क मिल सके। मसूरी के 7 और चकराता के 12 शैडो एरिया, साथ ही कुआंवाला, लच्छीवाला, रायवाला सहित 170 गांव।
कैसे होगा? बंद टावरों को चालू करके, नई जगहों पर 4जी टावर लगाकर और भारतनेट की कटी फाइबर को जोड़कर।
आधिकारिक विवरण और अपडेट के लिए आप dbn.gov.in/hi/ongoing-schemesपर देख सकते हैं