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लिंगानुपात सुधार को लेकर देहरादून में सख्ती, डीएम ने 218 अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच के दिए निर्देश

सतेंद्र रावत, देहरादून 10 अक्टूबर 2026 : देहरादून में लिंगानुपात सुधार के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट में हुई पीसीपीएनडीटी समिति की बैठक में साफ कहा कि बेटियों को बचाने के लिए अब कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। जिले में अब तक 117 अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण किया जा चुका है और नियम तोड़ने पर 3 सेंटरों की मशीनें सील कर दी गई हैं। डीएम ने कम लिंगानुपात वाले गांवों को रेड जोन घोषित कर विशेष निगरानी के आदेश दिए हैं।

लिंगानुपात सुधार पर DM की बड़ी बैठक

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक हुई। अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने की। बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) 2025-26 के अनुसार उत्तराखंड का लिंगानुपात 939 है, जबकि देहरादून का आंकड़ा 927 है। यह चिंताजनक है। हालांकि इस साल प्रशासन की सख्ती से यह आंकड़ा सुधर कर 937 हो गया है।DM ने आदेश दिया कि पिछले पांच साल के गांव-वार डेटा का विश्लेषण किया जाए। जहां बेटियों की संख्या लगातार कम है, उन गांवों को चिह्नित कर रेड जोन बनाया जाए।

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लिंगानुपात सुधार क्यों जरूरी है और कैसे होगी निगरानी?

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि भ्रूण के लिंग की जांच कराने और करने वाले, दोनों के खिलाफ PCPNDT Act के तहत सख्त कार्रवाई होगी। गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग को और मजबूत किया जाएगा।वर्तमान में देहरादून में 218 डायग्नोस्टिक और इमेजिंग सेंटर चल रहे हैं, जिनमें 420 अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। सितंबर में 84 और इस साल अब तक कुल 117 केंद्रों का निरीक्षण हो चुका है।

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बैठक में 10 नए पंजीकरण और 18 नवीनीकरण के आवेदनों पर भी चर्चा हुई।

कहां सबसे कम है लिंगानुपात? – देहरादून के ब्लॉक-वार आंकड़े

CMO डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि 2026-27 के ताजा आंकड़ों में सबसे खराब स्थिति डोईवाला और कालसी की है। डोईवाला में लिंगानुपात – 885कालसी में लिंगानुपात – 887सहसपुर में – 924रायपुर में – 949विकासनगर में – 1000चकराता में – 1060

इन्हीं क्षेत्रों में अब लिंगानुपात सुधार के लिए सबसे ज्यादा फोकस किया जाएगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, पीसीपीएनडीटी के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बिमलेश जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट और जिला शासकीय अधिवक्ता मौजूद रहे।

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