पौड़ी के गजल्ड में हिंसक आदमखोर गुलदार ढेर, इलाके में सुरक्षा प्रबंध यथावत जारी
मीडिया लाइव, पौड़ी :जिला मुख्यालय स्थति पौड़ी तहसील के गजल्ड गांव के राजेन्द्र नौटियाल की गुलदार ने जान लेली थी। घटना की गंभीरता को देख कर उच्च स्तरीय अनुमति मिलने के बाद क्षेत्र में ट्रैंक्युलाइज कर पकड़ने अथवा आखिरी विकल्प के तौर पर जानलेवा घोषित गुलदार को मारने करने की कार्यवाही तेज की गई, जिसके बाद बीती 10 दिसम्बर को वन महकमें के साथ विशेषज्ञ शिकारियों की जॉइंट टीम ने चिन्हित गुलदार को मारने में सफलता हासिल कर ली है।
विगत 4 दिसम्बर को गजल्ड में गुलदार के हमले की सूचना मिलते जिला प्रशासन, वन विभाग द्वारा त्वरित निर्णय लेते हुए आवश्यक औपचारिकताएँ एवं अनुमति प्रक्रियाएँ तत्काल संपादित की गईं। जिलाधिकारी द्वारा वन विभाग के अधिकारियों के साथ व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थानीय ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया गया तथा सुरक्षा संबंधी समस्त व्यवस्थाओं को तत्काल प्रभाव से क्रियान्वित कराते हुए वन विभाग, एवं स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम को सभी आवश्यक उपकरणों के साथ सक्रिय किया गया।
मुख्यमंत्री के घटना के त्वरित संज्ञान लेने के बाद उन्होंने दिये गये दिशा-निर्देशों के तहत प्रमुख सचिव वन आर. के. सुधांशु और आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, मुख्य वन संरक्षक धीरज पाण्डे ने प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर अभियान के लिए जरूरी गाइडेंस और सहयोग दिया, जिससे कार्यवाही और अधिक प्रभावी व समन्वित ढंग से संचालित की गयी।
हर स्तर पर मिले जुले प्रयास और ठीम के रुप में काम कर प्रभावित क्षेत्र में 6 कैमरा ट्रैप, 2 पिंजरे, प्रेशर इम्प्रेशन पैड, एनाईडर तथा अन्य तकनीकी संसाधन स्थापित किए गए। दो विभागीय शूटरों के साथ-साथ जनपद के दो अनुभवी स्थानीय शूटर जॉय हुकिल एवं राकेश चन्द्र बड़थ्वाल को भी उच्च स्तर से अनुमति प्राप्त होने पर विभागीय टीम में शामिल किया गया। 7 से 10 दिसम्बर तक ग्राम चक्थ, चोपड़ा एवं गजल्ड क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता, पगमार्क, कैमरा ट्रैप इमेज तथा वनकर्मियों के प्रत्यक्ष अवलोकन जैसे प्रमाणों के आधार पर उसकी पहचान तय की गई। इस दौरान गुलदार से दो मवेशियों को क्षति पहुँचाने तथा एक व्यक्ति पर झपट्टा मारने की जानकारी भी मिली। लगातार ट्रैकिंग, गश्त एवं तकनीकी निगरानी के उपरान्त 10 दिसम्बर को सांय 7ः05 बजे गजल्ड-कौडला के बीच वन विभाग की ठीम ने चिन्हित गुलदार को मार गिराया। इसके बाद शत-प्रतिशत वैज्ञानिक पुष्टि के लिए मेडिकल व डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गयी है।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि वर्तमान में मानव-वन्यजीव संघर्ष की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग की टीम पूर्ववत क्षेत्र में तैनात है तथा फॉक्स लाइट, साइरन, कैमरा ट्रैप निगरानी व झाड़ी कटान जैसे सभी सुरक्षा प्रबंध यथावत जारी हैं। उन्होने आश्वस्त किया है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही जारी रखी जाएगी, जिससे जनसुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
प्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी वन प्रभाग अभिमन्यु सिंह ने बताया कि 4 दिसंबर 2025 को ग्राम गजल्ड में गुलदार के हमले से एक व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात लगातार सक्रिय रहे हिंसक गुलदार को चिन्हित कर विभागीय टीम ने विशेषज्ञ शूटरों के सहयोग से 10 दिसंबर 2025 को करीब सांय 07ः05 बजे नष्ट किया गया। वन विभाग द्वारा डीएनए परीक्षण की कार्यवाही जारी है तथा क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंध पूर्ववत जारी हैं।