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यशपाल बेनाम के इस्तीफे से पौड़ी गढ़वाल में भाजपा को लगा सबसे बड़ा झटका

मीडिया लाइव/ Yashpal Benam Resigns From BJP 2026: उत्तराखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पौड़ी गढ़वाल जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक बहुत बड़ा सियासी झटका लगा है। क्षेत्र के कद्दावर नेता, पूर्व विधायक और पौड़ी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष यशपाल बेनाम ने 18 अक्टूबर 2026 को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पिछले 8 साल से पार्टी में एक्टिव भूमिका निभा रहे बेनाम के इस अचानक फैसले से पूरे उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि उनके इस कदम से गढ़वाल क्षेत्र के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे।

यशपाल बेनाम ने भाजपा छोड़ने का लिया फैसला

पार्टी को अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंपने के बाद कद्दावर नेता ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, पिछले काफी समय से संगठन के भीतर वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे।

यशपाल बेनाम ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी के अंदर उनकी बात और भावनाओं को सही ढंग से नहीं समझा जा रहा था। लंबे समय तक घुटन महसूस करने के बाद, उन्होंने काफी सोच-समझकर प्राथमिक सदस्यता त्यागने का यह बेहद कठिन और बड़ा निर्णय लिया है।

समर्थकों से बातचीत के बाद Yashpal Benam Resigns From BJP 2026 पर क्या होगा अगला कदम

भाजपा का दामन छोड़ने के बाद अब पौड़ी सहित पूरे राज्य की नजरें उनके अगले राजनीतिक कदम पर टिक गई हैं। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वे कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं, तो उन्होंने अपने पत्ते पूरी तरह नहीं खोले।

यशपाल बेनाम ने स्पष्ट किया कि वे राजनीति में अकेले कोई फैसला नहीं लेते हैं। वे बहुत जल्द पौड़ी गढ़वाल में अपने सभी समर्थकों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्र की सम्मानित जनता के साथ एक बैठक करेंगे। इस मंथन से जो रणनीति निकलेगी, उसके आधार पर ही वे अपने नए राजनीतिक सफर का औपचारिक ऐलान करेंगे।

पौड़ी गढ़वाल के दिग्गज नेता यशपाल बेनाम का सियासी सफरनामा

पौड़ी गढ़वाल की स्थानीय और राज्य स्तर की राजनीति में यशपाल बेनाम का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। उनका अब तक का राजनीतिक इतिहास बेहद प्रभावशाली और जनता के बीच मजबूत पकड़ वाला रहा है:

  • साल 2007 में बने विधायक: यशपाल बेनाम ने साल 2007 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में पौड़ी सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।
  • तीन बार संभाली नगर पालिका की कमान: वे अपने लंबे राजनीतिक करियर में दो बार निर्दलीय और एक बार भाजपा समर्थित उम्मीदवार के तौर पर पौड़ी नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी संभाल चुके हैं।
  • साल 2018 में थामी थी भाजपा: करीब 8 साल पहले वे पूरे दलबल के साथ विधिवत रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे और लगातार संगठन को मजबूत कर रहे थे।

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा के लिए कितनी बड़ी मुसीबत?

साल 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से ठीक पहले Yashpal Benam Resigns From BJP 2026 की यह खबर भाजपा संगठन के लिए एक बहुत बड़ी मुसीबत साबित हो सकती है। पौड़ी सीट पर बेनाम का अपना एक मजबूत व्यक्तिगत वोट बैंक है, जो किसी भी दल का खेल बनाने या बिगाड़ने की ताकत रखता है।

अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में वे देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस का हाथ थामते हैं या फिर किसी तीसरे विकल्प के साथ चुनावी मैदान में उतरकर भाजपा के समीकरणों को नुकसान पहुंचाते हैं। उत्तराखंड की इस बड़ी राजनीतिक हलचल पर संगठन के शीर्ष नेता भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।


सम्बन्धित आधिकारिक जानकारी के लिए देखें: Government of Uttarakhand

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(रिपोर्ट: गणेश नेगी, पौड़ी; 18 अक्टूबर, 2026)

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