जनता की ताकत : सरकार ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबी जाँच को दी संस्तुति
मीडिया लाइव , देहरादून : भारी जनांदोलन के बाद : आखिरकार उत्तराखंड सरकार ने बहु चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जाँच की संस्तुति करने का निर्णय ले लिया है। इस बात को खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक वीडियो जारी कर साफ़ किया है। ऐसे में अब इस पूरे मामले की जाँच होने से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने नई उम्मीद जग गयी है। इस मामले में सीएम धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की गई है। हालाँकि यह इतनी भर बात नहीं है। बालूम हो कि अगर ये मामला अभिनेत्री उर्मिला सनावर के एक ऑडियो के वीडियो से सोशल मीडिया से सामने न आता तो यह पूरा प्रकरण अब तक धीरे धीरे ठंडा पड़ गया था। करीब दो सप्ताह तक इस मामले को लेकर पूरा उत्तराखंड सड़कों पर आंदोलित था। वहीं उसके माता पिता और पीड़ित पक्ष के मुख्य पैरोकार आशुतोष नेगी शुरूआती दौर से इस केस की सीबीआई जाँच की मांग कर रहे थे।
अब खबर विस्तार से। अंकिता भंडारी मामले पर लगातार हो रही सियासत और जनता के दबाव के बाद देर से ही लेकिन आज धामी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सीएम धामी ने शुक्रवार 9 जनवरी को अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई से जाँच की मंजूरी दे दी है।
दरअसल, राज्य में आम जनमानस लगातार आंदोलित था। भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार लगातार इससे बचने के प्रयास कर रही थी। यहाँ तक कि सीएम ने भी इस पर खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बचते बचाते सरकार का पक्ष रखा और सीबीआई जाँच की मांग को लेकर अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीएम धामी बात करने की बात कही थी। इसके बाद योजना बढ़ ढंग से पीड़ित परिवार को देहरादून लाया गया। जिसमें पहले उन्हें पुलिस के आलाअधिकारियों से बातचीत की कोशिशें की गयी। जिसके बाद सीएम ने अंकिता के माता पिता से बातचीत की। लेकिन इस पर सरकार की तरफ से त्वरित कोई बात सामने नहीं आई। इसके बाद गुरुवार को सोशल मीडिया पर कई सामाजिक संगठनों के साथ बात करते हुए उन्होंने बेटी की ह्त्या की सीबीआई से जाँच कराने और तय बिंदुओं को शामिल करने की बात कही। इससे साफ हो गया कि वे बिना गहन जाँच और वीवाईपी ऐंगल को जोड़ते हुए जाँच की मांग चाहते हैं। इस पर सीएम धामी ने कहा था कि जल्द ही उनकी मांगों के अनुरूप राज्य सरकार फैसला लेगी। जिसके तहत अब सरकार ने सीबीआई जांच कराए जाने पर अपनी सहमति देदी है।
क्या बोले सीएम धामी? सीएम धामी का कहना है कि सरकार का उद्देश्य शुरू से आखिर तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है। अंकिता भंडारी के साथ हुई इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी देरी के पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की।