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MEDIA LIVE : बस में हो गई जवान बेटे की मौत, बेसहारा बदहवास मां को पुलिस ने दिया सहारा

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मीडिया लाइव, सतपुली: जवान बेटे को इलाज के लिए बस से अस्पताल ले जा रही एक मां पर उस वक्त पहाड़ टूट पड़ा, जब अचानक उसे एहसास हुआ कि बेटा बेसुध लग रहा है। फिलहाल हिलाने डुलाने पर महिला अचानक चीखने और चिल्लाने लगी। वह समझ चुकी थी कि उसका जवान बेटा अब नहीं रहा। मामला सतपुली क्षेत्र का है। जहां आज दोपहर में पैठाणी निवासी बिजली देवी अपने 24 वर्षीय बेटे ज्ञान सिंह को सतपुली स्थित हंस फाउंडेशन अस्पताल में डायलिसिस के लिए ले जा रही थी।

सतपुली कस्बे में पहुंचकर महिला को ऐसी हालत में कुछ सूझ नहीं रहा था कि अब वह करे तो क्या करें ? चीखती चिल्लाती रोती बिलखती एक मां की आवाज को सुनकर बस में सवार अन्य लोग सकते में आ गए व बाजार में एक अजीब सा माहौल बन गया। मौके पर पुलिस कर्मियों को जब यह बात पता चली, तो उन्होंने पीड़ित महिला से पूरा मामला जानने के बाद थानाध्यक्ष को इसकी जानकारी दी। हालात को संभालते हुए पुलिसकर्मियों ने महिला की मदद के लिए उनसे बातचीत की। पता चला कि वह अपने बेटे ज्ञान सिंह को किडनी की बीमारी से ग्रस्त होने के बाद डायलसिस करने के लिए बस से हंस फाउंडेशन अस्पताल चमोली सेण ले जा रही थी। इस हालात में उनके साथ कोई और न था। ऐसे में मौके पर मौजूद पुलिस ने उसके मृत बेटे को बस से बाहर निकाला। इस दौरान पीड़ित महिला ने ड्यूटी में तैनात कांस्टेबल गजेंद्र और कुलदीप से बेटे के मृत शरीर को घर ले जाने के लिए मदद मांगी।  पूरा मामला जानने के बाद थानाध्यक्ष सतपुली संतोष पैथवाल ने बेसहारा असहाय महिला की मदद करने का निर्णय लिया उनके मृत बेटे के शरीर को उसके पैतृक गांव स्थित घर पहुंचाने के लिए मौजूद पुलिस कर्मियों के साथ जीप की व्यवस्था की। एक आम और गरीब इंसान के लिए इतने बुरे वक्त में जब कोई इस तरह की मदद के लिए सामने आए तो उसे अपना दुःख कम लगने लगता है। समाज को वक्त बेवक्त ऐसे ही सहारे की जरूरत होती है। जिसे सिर्फ महसूस करके बांटने की सामूहिक कोशिश इसी तरह से की जानी चाहिए।

गौरतलब है कि राज्य पुलिस की मानवीय सेवा की जो मिसाल लगातार देखने को मिल रही है, वह वाकई समाज के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है। इस तरह से ही उत्तराखंड पुलिस की एक नई छवि उसे अन्य राज्यों की अपेक्षा कई आगे खड़ा करती है। पुलिसिंग की यह नई कार्यशैली आम जनमानस में पुलिस के प्रति सुरक्षा और विश्वास का भाव बढ़ाने के लिए एक नायाब नमूना पेश कर रही है।

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