MEDIA LIVE : पुलिस की गोली चलने से BJP नेता की पत्नी की मौत, भड़के लोग
मीडिया लाइव, काशीपुर: यहां 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश को दबोचने के लिए आई यूपी की ठाकुरद्वारा पुलिस ने कुंडा थाना पुलिस को अपने आने की भनक तक नहीं लगने दी। बुधवार की शाम को 10-12 लोग सादे कपड़ों में दो गाड़ियों से ज्येष्ठ उप प्रमुख (भाजपा) गुरताज भुल्लर के फार्म हाउस पर आ धमके। उनके हाथों में पिस्टल थे। परिवार के लोगों ने बदमाश समझकर उन्हें ललकारा। इस दौरान हुई फायरिंग में गुरजीत कौर की मौत हो गई।
कुंडा थाना पुलिस को इस घटना की भनक तब लगी जब मृतका के चाचा ने पुलिस को हत्या हो जाने की जानकारी दी। इस पर कुंडा थाना प्रभारी दिनेश फर्त्याल भी उच्चाधिकारियों को सूचित किए बगैर ही घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। मौके पर पहुंचकर वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसओ नेे घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वारदात में ठाकुरद्वारा के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह, आरक्षी राघव, सिंघम, शिवकुमार और राहुल घायल हो गए।
घायलों को कुंडा थाना पुलिस ने सरकारी अस्पताल पहुंचाया लेकिन इसी दौरान घायल महिला की मौत की खबर सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। ठाकुरद्वारा इंस्पेक्टर योगेंद्र ने तत्काल एसएसपी मुरादाबाद हेमंत कुटियाल को वारदात में पुलिस कर्मियों के घायल होने की सूचना दी।
एसपी काशीपुर चंद्रमोहन सिंह, सीओ वंदना वर्मा, सीओ रामनगर बीएस भाकुनी, सीओ बाजपुर भूपेंद्र सिंह, कोतवाल मनोज रतूड़ी, कोतवाल जसपुर प्रेम सिंह दानू, कोतवाल बाजपुर प्रवीण सिंह कोश्यारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान गुस्साए लोगों ने कुंडा थाने के सामने एनएच को घेरकर वहां जाम लगा दिया। इससे एनएच पर वाहनों की लबी कतारें लग गईं। देर रात तक पुलिस अधिकारी प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने में लगे थे लेकिन प्रदर्शनकारी टस से मस होने को तैयार नहीं हुए।
एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने कुंडा थाने का मेन गेट तक बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों को समझाने के दौरान एसडीएम अभय प्रताप सिंह के मुंह से अनायास ही कुछ निकल गया जिस पर लोग उन पर भड़क गए। मौके पर मौजूद एसपी चंद्रमोहन सिंह, सीओ वंदना वर्मा व अन्य अधिकारियों ने एसडीएम को वहां से हटाकर स्थिति को जैसे-तैसे संभाला।
एसपी चंद्रमोहन ने उन्हें घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन के स्तर पर भी वार्ता की जा सकती है।