महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे में निधन
मीडिया रिपोर्ट्स : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार की सुबह अचानक एक विमान हादसे में निधन हो गया है। वे अपने गाँव जा रहे थे,बारामती जाते समय उनका निजी विमान तकनीकी खराबी के कारण क्रैश लैंडिंग का शिकार हुआ और उसके तुरंत बाद विमान में आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में उनके साथ सवार कई और लोग मारे गए। यह हादसा महाराष्ट्र और देश के लिए एक बड़ी राजनीतिक और व्यक्तिगत क्षति है।
अजित पवार के परिवार में कुल चार लोग थे। इसमें सबसे पहले उनका नाम आता है, फिर उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और उनके दो बेटे पार्थ पवार और जय पवार। अक्सर उन्हें चुनावी रैलियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपने परिवार के साथ देखा जाता था। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार कई मौकों पर उनके साथ चुनावी रोड शो और रैलियों में शामिल होती थीं, जिससे यह साफ था कि उनका परिवार राजनीतिक और निजी रूप से उनके सबसे बड़े सहयोगियों में से था। अजित की पत्नी एक राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर भी जानी जाती हैं। उनके बड़े बेटे पार्थ पवार ने भी राजनीति में कदम रखा था और चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। छोटे बेटे जय पवार आम जनता के बीच राजनीतिक तौर पर अपेक्षाकृत कम जाने जाते थे, लेकिन परिवारिक तौर पर उन्हें हमेशा पिता के करीबी सहयोगी के रूप में देखा गया। अजित पवार के बेटे जय पवार की शादी रुतुजा पाटिल से हुई थी, जो एक नामी बिजनेसमैन की बेटी हैं।
अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के देओलाली प्रवरा गांव में हुआ था। उनके पिता अनंतराव पवार मुंबई के मशहूर राजकमल स्टूडियो में काम करते थे। पिता के निधन के बाद अजित पवार की ज़िम्मेदारी परिवार की तरफ बढ़ गई और उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। इस कठिन समय में उन्होंने परिवार और निजी जिम्मेदारियों को संभाला। अजित पवार ने राजनीति में कदम 1982 में रखा, जब उन्होंने एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड सदस्य के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। इस दौरान उनके चाचा शरद पवार पहले ही महाराष्ट्र की राजनीति में एक स्थापित नेता बन चुके थे। उनके मार्गदर्शन और अनुभव ने अजित पवार को राजनीतिक दुनिया की बारीकियों को समझने और सीखने में मदद की।
समय के साथ अजित पवार ने महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी विशेष पहचान बनाई। उनकी राजनीतिक शैली संयमित, व्यावहारिक और रणनीतिक रही, जिसने उन्हें पार्टी और जनता दोनों में लोकप्रिय बना दिया। उन्होंने हमेशा अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी और स्थानीय राजनीति में गहरा प्रभाव डाला।