खामियों पर डीएम ने जताई नाराजगी
मीडिया लाइव, कोटद्वार : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को कोटद्वार क्षेत्र में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने काशीरामपुर तल्ला में निर्माणाधीन 21 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, हल्दूखाता में बन रहे 50 बेड के आयुर्वेदिक चिकित्सालय तथा कृषि उत्पादन मंडी समिति का निरीक्षण किया। कार्यों में पाई गई खामियों पर उन्होंने कड़ी नाराज़गी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, गुणवत्ता में कमी या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।
काशीरामपुर तल्ला में एसटीपी का निरीक्षण करते हुए उन्होंने परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता तथा कार्यरत श्रमिकों की जानकारी ली। सड़कों की खराब स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए एक माह के भीतर उन्हें पूर्ववत करने तथा लोक निर्माण विभाग से समन्वय कर डामरीकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही नीलकंठ और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता के लिए सीवरेज प्रबंधन योजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण करने को कहा।
हल्दूखाता में लगभग 17.58 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 50 बेड के आयुर्वेदिक चिकित्सालय (निर्माण प्रारंभ मार्च 2024, लक्ष्य दिसंबर 2026) में रैंप, लिफ्ट, पंचकर्म एवं योग वार्ड, आपातकालीन कक्ष, ओपीडी, पार्किंग आदि व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने दूसरी किश्त की धनराशि का प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने, आवश्यक चिकित्सकीय एवं तकनीकी पदों के सृजन की प्रक्रिया शुरू करने तथा आवश्यक उपकरणों की मांग समय से प्रेषित करने के निर्देश दिए, ताकि चिकित्सालय शुरू होते ही सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
कृषि उत्पादन मंडी समिति में मंडी शुल्क, आय-व्यय और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए प्रमुख चुंगी चेक प्वाइंट पर एकीकृत सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए, जिससे शुल्क वसूली पारदर्शी हो और किसी प्रकार का राजस्व रिसाव न हो। उन्होंने गोदामों के नियमित निरीक्षण, स्वच्छ पेयजल हेतु वाटर कूलर, ऊर्जा दक्ष सोलर लाइट सहित आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। जनवरी एवं फरवरी माह में व्यय आय से अधिक पाए जाने पर नाराज़गी जताते हुए आय बढ़ाने के नए स्रोत तलाशने, लंबित किराया वसूली सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर राजस्व वसूली प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। मंडी परिसर में पीठ बाजार विकसित करने पर भी बल दिया।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार, तहसीलदार साक्षी उपाध्याय, परियोजना प्रबंधक एस.के. वर्मा, परियोजना अभियंता दीपक वत्स, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अंजना पंत सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।