कांग्रेस ने जीता विश्वासमत
मीडिया लाइव : पौड़ी जिले के खिर्सू ब्लाक प्रमुख के खिलाफ कुछ क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा लाये गए अविश्वास प्रस्ताव में कांग्रेस की उम्मीदवार ने विश्वास मत जीतने में सफलता हासिल की है. जीत के लिए 8 मतों की जरुरत थी.जो ब्लॉक प्रमुख सुषमा नेगी के पक्ष में गए. वहीँ जो क्षेत्र पंचायत सदस्य अविश्वास प्रस्ताव लाए उन्हें करारा झटका लगा है. विश्वास प्रस्ताव जीतने के बाद ब्लाक प्रमुख सुषमा नेगी ने इसे बीजेपी की हार और जनता की जीत करार दिया. इस जीत से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर दौड़ गई.
मंगलवार को सदस्यों की ओर से हुए मतदान में खिर्सू की ब्लाक प्रमुख सुषमा नेगी को पुनः क्षेत्र पंचायत सदन का प्रमुख चुना गया। पीठासीन अधिकारी व उप जिलाधिकारी सदर केएस नेगी ने बताया कि विगत दिनों क्षेत्र पंचायत सदस्यों की ओर से ब्लाक प्रमुख सुषमा नेगी के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाये जाने के लिए मांग पत्र प्रस्तुत किया था। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी की ओर से 18 जुलाई को तिथि निर्धारित की गई थी। जिसके सापेक्ष मंगलवार को हुए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के उपरांत वोटिंग की गई। जिसमें निवर्तमान प्रमुख सुषमा नेगी ने अविश्वास प्रस्ताव 13-8 से जीता।
वहीँ दूसरी ओर ब्लॉक प्रमुख सुषमा नेगी की तरफ से एक प्रेस नोट जारी किया गया है. जिसमें उन्होंने कहा है की विकास के अजेंडे के बल पर ही उन्होंने एक बार फिर विशवास मंत जीतने में सफलता पाई है. उनका कहना है की वह क्षेत्र के विकास के लिए किसी भी चुनौती के लिए तैयार है और यही देखते हुए उन्हें सदस्यों का सहयोग मिला है. उन्होंने इसे विकास और विश्वास की जीत करार दिया. उन्होंने बीजेपी सदस्यों पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की ह्त्या करने की कोशिश है. लेकिन जनतंत्र में इस तरह के मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे. राज्य में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद कांग्रेस की प्रत्याशी के पक्ष में विश्वास मत का जाना एक तरह से स्थानीय बीजेपी नेताओं के लिए कोई अच्छा संकेत नहीं है. इस विश्वास प्रस्ताव लेन के पीछे जिन लोगों ने अपनी ऊर्जा बेवजह खपाई है उन्होंने बीजेपी की शाख पर बट्टा तो लगाया ही है. जिस पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को गंभीरता से गौर करने की जरूरत है.
कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष कामेश्वर राणा ने कहा कि इस अविश्वास प्रस्ताव के नतीजे में बीजेपी को मुंह की कहानी पड़ी इसे अलावा उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के राजनीतिक द्वेष की भावना प्रजा तंत्र के हित में नहीं है. सभी राजेनीतिक दलों को बचाने की कोशिश करने चाहिए और चुने हुए संविधानिक संस्थाओं को कार्यकाल पूरा करने देना चाहिए. ऐसी स्थितियां पैदा करने से क्षेत्र के विकास में बाधा आती है. अविशास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों का नेतृत्व करने वाले धड़े से मीडिया लाइव ने इस पूरे मामले पर उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फ़ोन काट दिया.