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MEDIA LIVE : बद्रीनाथ मंदिर में नहीं पढ़ी गई नमाज, तो सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाह ?

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मीडिया लाइव, गपेश्वर: बद्रीनाथ मंदिर में नमाज पढ़ने की बात आखिरकार अफवाह निकली। लेकिन ऐसी अफवाहें कौन और क्यों फैला रहा है। यह साफ नहीं हो पाया है। चमोली जनपद पुलिस ने ऐसे लोगों को दी है। एसपी यशवंत सिंह चौहान ने अपील कर कहा है कि बेवजह अफवाह ना फैलाएं , बद्रीनाथ मंदिर में नमाज पढ़ने की बात गलत गलत है।

आप जानते हैं कि उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ मंदिर में कुछ मुसलमानों के कथित तौर से नमाज पढ़े जाने का वीडियो वायरल होने के बाद यहां तनाव की स्थिति बन आई। बताया जा रहा है कि ईद-उल-अजहा के मौके पर विश्व विख्यात बद्रीनाथ मंदिर परिसर में कुछ मुसलमानों ने कथित तौर से नमाज अदा की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यहां पुलिस ने जानकारी दी है कि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट बुधवार से ही नजर आया

मामले की गंभीरता को समझते हुए चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने इस घटना पर कहा कि ‘सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें नजर आ रहा है कि कई मुसलमान बदरीनाथ मंदिर परिसर में नमाज अदा कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी है कि वायरल पोस्ट पर नजर पड़ते ही स्थानीय पुलिस की एक टीम तुरंत इन आरोपों की जांच में जुट गई।

पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने यहां जानकारी दी है कि शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि 15 मुस्लिम श्रमिक हरिंदर सिंह नाम के एक कॉन्ट्रैक्टर के अंडर यह सभी मजदूर मंदिर से करीब 1 किलोमीटर दूर स्थित एक पार्किंग फैसिलिटी प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। पुलिसिया जांच में यह भी सामने आया है कि सभी मजदूर प्रोजेक्ट साइट पर ही रह रहे थे, क्योंकि वहां निर्माण में इस्तेमाल होने वाली काफी सामग्रियां रखी गई थीं। ईद-उल-अजहा के मौके पर उनलोगों ने वहीं पर सुबह 7 बजे नमाज अदा किया था। उन्होंने ना तो किसी भी सार्वजनिक स्थल पर नमाज अदा किया था और ना ही किसी मौलाना को बाहर से नमाज अदा करने के लिए बुलाया गया था।

 कोरोना महामारी को देखते हुए आपदा प्रबन्धन अधिनियम में केस दर्ज: 

पुलिस ने आगे जानकारी दी है कि कॉन्ट्रैक्टर और मजदूरों के खिलाफ भीड़ जुटाने और सोशल डिस्टेन्सिंग का उल्लंघन करने के आरोप में आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया है कि स्थानीय नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष ऋषि प्रकाश सती और उनके सहयोगियों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है।

जांच अभी जारी है, अफवाह न फैलाने की अपील : 

हालांकि, पुलिस मंदिर परिसर में नमाज अदा किये जाने के आरोपों की जांच भी कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर ही इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ‘तब तक मैं लोगों से अपील करता हूं कि वो किसी तरह की अफवाह ना फैलाएं।

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