MEDIA LIVE : जंगल की आग बुझाने थलीसैंण पहुंचे एडीएम पौड़ी
मीडिया लाइव, थलीसैंण: आज की खास खबर एडीएम पौड़ी थलीसैंण के जंगलों में आग बुझाने पहुंचे। उनके साथ कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी आग बुझाते देखे गए। थलीसैंण क्षेत्र के कन्यूर गांव के ग्रामीण अधिकारियों और कर्मचारियों को देखकर उन्हें सहयोग करने जंगल की आग बुझाने में जुट गए।
दरअसल ग्रामीण क्षेत्रीय जनता को जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं को कम करने को लेकर जागरूकता अभियान के तहत इस पूरी मॉक ड्रिल को अंजाम दिया गया। मॉक ड्रिल एडीएम पौड़ी डॉ. एस.के. बरनवाल के नेतृत्व में आयोजित की गई।
मालूम हो कि राज्य सरकार की हिदायत के बाद वन विभाग सहित प्रशासन भी वनाग्नि की घटनाओं को लेकर संजीदा होता दिख रहा है।मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद बार बार शासन स्तर पर हो रही ताबड़तोड़ बैठकों से प्रशासनिक अमला हरकत में आ चुका है।
इसी कड़ी में आज तहसील थलीसैंण के अंतर्गत फारेस्ट रैज थलीसैंण के कम्पार्टमेन्ट नम्बर एक में वनाग्नि से बचाव व सुरक्षा के लिए डीएम निर्देशों के पालन में अपर एडीएम डॉ. एस. के बरनवाल ने स्वजल विभाग ,पुलिस विभाग, फारेस्ट विभाग, अग्नि शमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विकास विभाग, वन पंचायत सरपंच, ग्राम सभा प्रधान कैन्यूर, होमगार्ड्स जवानों के साथ मॉकड्रिल की गई। जन जागरूकता को लेकर हुई इस मॉक ड्रिल में प्रशासन ने क्षेत्रीय जनता के साथ वनाग्नि की सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की।
इस मौके पर तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद ममगाईं, थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह, वन विभाग के रेंजर अनिल रावत,प्रभारी चिकित्सा अधिकारी CHC थलीसैण,नमिता पुरी, ए.डी.ओ. उद्यान नरेंद्र मेहता,वन पंचायत सरपंच ग्राम कैन्यूर नरेंद्र सिंह,वन पंचायत सरपंच ग्राम कफल्ड प्रेम सिंह,वन पंचायत सरपंच ग्राम मुसेटी कुलदीप सिंह,ग्रामीण बलबीर सिंह, कल्याण सिंह, एडीओ पंचायती राज जयदीप रावत आदि मौजूद रहे।
लेकिन इस सब के बावजूद सवाल उठता है कि जब प्रदेश भर के वन क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को आग राख कर चुकी है, फिर ऐसे अभियानों का मकसद क्या रहा जाता है? जवाब सरकार को और प्रदेश के नीति नियंताओं को देना है।
वही आज थाना थलीसैण में डयूटी को लेकर उपस्थित आये 10 ग्राम प्रहरियों को थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह ने टार्च व सीटी वितरित की गई। थाना में कुम्भ डयूटी के कारण पुलिस बल की कमी व क्षेत्र में वनाग्नि की घटनाओं के दृष्टिगत थाना के नजदीकी गांव के ग्राम प्रहरियों से रात्रि व दिन में गश्त डयूटी ली जा रही है। सभी प्रहरियों को टार्च लाठी व सिटी उपलब्ध कराई गई है।


