
सिंगल यूज प्लास्टिक पर देहरादून डीएम का बड़ा एक्शन: 100 वार्डों में सख्त कार्रवाई का फैसला
सतेंद्र सिंह रावत, देहरादून, 9 अक्टूबर 2026 : सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ देहरादून जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने साफ कर दिया है कि यह अभियान सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होगा, बल्कि इसके उत्पादन, भंडारण और सप्लाई चेन को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा। देहरादून के 100 वार्डों में अनधिकृत डंपिंग साइटों को चिन्हित कर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस खबर का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को बचाना और प्लास्टिक के अवैध कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाना है। 8 अक्टूबर 2026 को हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सीधे दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
सिंगल यूज प्लास्टिक देहरादून में क्यों और क्या हुआ बड़ा फैसला?
देहरादून जनपद में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग और कचरे की अवैध डंपिंग को पूरी तरह से रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने माननीय उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई सिर्फ सड़कों पर चालान काटने तक सीमित नहीं रहेगी। प्रशासन अब प्लास्टिक बनाने वाली फैक्ट्रियों, उनके कच्चे माल की सप्लाई और बड़े डीलरों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में है ताकि समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
यह महत्वपूर्ण निर्णय 8 अक्टूबर 2026 को देहरादून कलेक्ट्रेट में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने लिया। डीएम ने नगर निगम देहरादून के सभी 100 वार्डों के लिए तैनात सेक्टर अधिकारियों को तुरंत सघन चेकिंग अभियान शुरू करने को कहा है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों से प्लास्टिक कचरा उठवाकर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बाजारों और औद्योगिक इकाइयों पर कसेगा शिकंजा
जिलाधिकारी ने राज्य कर विभाग के अफसरों को निर्देश दिया है कि वे जिले में चल रही प्लास्टिक से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों का मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करें। फैक्ट्रियों में कितना कच्चा माल आ रहा है, कितना स्टॉक मौजूद है और उसकी उत्पादन क्षमता क्या है, इसकी तत्काल विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। बाजारों में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की चोरी-छिपे सप्लाई करने वाले मुख्य नेटवर्क को चिन्हित कर उनके खिलाफ सीधे एफआईआर और भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश मिले हैं।
कूड़े की अवैध डंपिंग और कॉम्पेक्टर मशीनों पर कड़ा एक्शन
सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में बल्क वेस्ट जनरेटर (बड़े कूड़ा उत्पादक) और कूड़े की अनधिकृत डंपिंग साइटों को तत्काल चिन्हित करें। इसके साथ ही ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर लगाई गई कॉम्पेक्टर मशीनों की कार्यप्रणाली की पूरी रिपोर्ट तलब की गई है। कालसी क्षेत्र में कॉम्पेक्टर मशीन के लिए गलत साइट चुनने और लापरवाही बरतने वाली टीम के खिलाफ डीएम ने सख्त दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसाधनों की उपलब्धता के बाद भी अगर लापरवाही मिली, तो संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय होगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासन और विभिन्न विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से अपर जिलाधिकारी (वि.रा.): केके मिश्रा, उपजिलाधिकारी (SDM): विनोद कुमार, उपजिलाधिकारी (SDM): अपर्णा ढौंडियाल, परियोजना निदेशक: विक्रम सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर राज्य कर: अजय कुमार सिंह, एमएनएसए: डॉ. आनंद, डीपीओ: जितेंद्र कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी: एसके गिरी, एडीपीआरओ: संजय बडोनी, एमएमए जिला पंचायत: सतीश त्रिपाठी शामिल रहे।
इसके अलावा सभी खंड विकास अधिकारी (BDO), नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी भी इस रणनीति को धरातल पर उतारने के लिए बैठक में उपस्थित रहे।