नारी निकेतन: महिलाओं और बालिकाओं के लिए हेयर ग्रूमिंग व पर्सनल केयर क्लास
मीडिया लाइव, देहरादून: देहरादून के नारी निकेतन में महिलाओं को मिला ग्रूमिंग प्रशिक्षण। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की पहल पर नारी निकेतन, केदारपुरम में रह रही संवासिनियों व बालिका निकेतन की बालिकाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास, व्यक्तिगत स्वच्छता और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष हेयर ग्रूमिंग एवं पर्सनल केयर क्लास का आयोजन प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी के मार्गदर्शन में IBI International, देहरादून के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में नारी निकेतन में निवासरत 155 संवासिनियों तथा बालिका निकेतन की 18 बालिकाओं को हेयर ग्रूमिंग एवं व्यक्तिगत साज-सज्जा से संबंधित सेवाएं और प्रशिक्षण प्रदान किया गया। IBI International की करीब 35 सदस्यीय छात्र एवं विशेषज्ञ टीम ने प्रातः 10:30 बजे से नारी निकेतन पहुंचकर प्रतिभागियों को हेयर कटिंग, हेयर ग्रूमिंग, आइब्रो ग्रूमिंग सहित व्यक्तिगत स्वच्छता एवं पर्सनल केयर से जुड़ी आवश्यक जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल का उद्देश्य केवल सौंदर्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि संवासिनियों एवं बालिकाओं में स्वच्छता, आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और गरिमापूर्ण जीवन के प्रति सकारात्मक भावना विकसित करना भी रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके सामाजिक, स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़े अधिकारों के संरक्षण के लिए भी निरंतर विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रहा हैं। इसी क्रम में आयोजित यह कार्यक्रम ‘कानूनी सहायता से आगे, गरिमापूर्ण जीवन की ओर’ की भावना को सार्थक करता है।
इस अवसर पर IBI International के निदेशक कृष्णा रावत तथा प्रशिक्षक काजल रंसवाल, सूरज कटारिया और सानिया चौहान सहित पूरी टीम ने स्वैच्छिक रूप से सहयोग प्रदान किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस मानवीय एवं सामाजिक पहल के लिए IBI International की टीम का आभार व्यक्त किया। प्राधिकरण ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों एवं संस्थाओं की सहभागिता से ही संवेदनशील, समावेशी और गरिमापूर्ण समाज का निर्माण संभव है।
प्राधिकरण की सचिव ने कहा कि नारी निकेतन में निवासरत हर महिला को सम्मान, अपनत्व और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि ग्रूमिंग केवल बाहरी रूप-रंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और मानसिक प्रसन्नता से भी जुड़ी है। विशेष आवश्यकताओं वाली महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान और जीवन में आत्मविश्वास लाने की दिशा में यह पहल एक छोटा, लेकिन सार्थक प्रयास है।