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चायती राज मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की

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मीडिया लाइव, देहरादून :: मंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश में 7817 ग्राम पंचायतें हैं जिनमें राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रकार के विकासात्मक कार्य कराये जाते रहे हैं। ग्राम पंचायत पंचायतीराज के सबसे छोटी इकाई है इसलिए इसका विकास हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता बन जाता है। उन्होंने कहा कि गांवों का परीक्षण कर बिन्दुवार प्राथमिकता वाले कार्यों को पूर्ण करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर ब्लॉक में लगभग 05 गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाए तथा इन्हीं के आधार पर अन्य ग्राम पंचायतों को विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में ड्रेनेज, एवं कूड़ा निस्तारण प्रबंधन को बेहतर बनाया जाए तथा जिन ग्राम पंचायत में पंचायत भवनों का अभाव है वहां पंचायत भवनों का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि हर वर्ष भारत सरकार द्वारा पंचायत भवन निर्माण हेतु धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है।

मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में आय के स्रोत विकसित किये जाएं जिससे पंचायतों को सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाया जा सके। मंत्री ने अधिकारियों को पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि पंचायत की मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने पंचायत भवनों का निरंतर निरीक्षण किये जाने पर भी जोर दिया।

इस अवसर पर विशेष सचिव पंचायतीराज पराग मधुकर धकाते, निदेशक निधि यादव, अपर सचिव श्याम सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।